सुतीक्ष्ण आश्रम  

सुतीक्ष्ण आश्रम वह स्थान है, जहाँ महर्षि अगस्त्य के शिष्य सुतीक्ष्ण मुनि कहा करते थे।[1]

  • यह स्थान मध्य प्रदेश में वीरसिंहपुर से लगभग चौदह मील की दूरी पर स्थित है।
  • शरभंग आश्रम से सीधे जाने पर दस मील पर यह पड़ता है।
  • इस स्थान पर श्रीराम का मंदिर है। महर्षि अगस्त्य के शिष्य सुतीक्ष्ण मुनि यहाँ रहा करते थे।
  • श्रीराम अपने वनवास के समय यहाँ पर्याप्त समय तक रहे थे।
  • कुछ विद्वान वर्तमान सतना (मध्य प्रदेश) को ही सुतीक्ष्ण आश्रम का प्रतिनिधि मानते हैं। चित्रकूट से सतना का सामीप्य इस मत को पुष्ट करता है।


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. हिन्दू धर्मकोश |लेखक: डॉ. राजबली पाण्डेय |प्रकाशक: उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान |संकलन: भारतकोश पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 674 |

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