देवर्द्धि  

देवर्द्धि जैन मान्यतानुसार एक प्रसिद्ध स्थविर थे। जैनों के सिद्धांत इन्होंने लिपिबद्ध किए थे।[1]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. पौराणिक कोश |लेखक: राणा प्रसाद शर्मा |प्रकाशक: ज्ञानमण्डल लिमिटेड, वाराणसी |संकलन: भारत डिस्कवरी पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 562, परिशिष्ट 'ग' |

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