रत्नबाहपुर  

रत्नबाहपुर प्राचीन कोशल देश का एक नगर था, जो 'घार्घरा' (सरयू नदी) के तट पर स्थित था।

  • जैन धार्मिक ग्रंथ 'विविधतीर्थकल्प' में कहा गया है कि इस नगर में इक्ष्वाकु वंश के राजा भानु के पुत्र धर्मनाथ ने जन्म लिया था।
  • धर्मनाथ के सम्मान में रत्नबाहपुर में एक नाग राजकुमार ने चैत्य बनवाया था और इसी जैन साधु की मूर्ति इस चैत्य में नागों की मूर्तियों के बीच में दिखाई पड़ती थी।[1]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. ऐतिहासिक स्थानावली |लेखक: विजयेन्द्र कुमार माथुर |प्रकाशक: राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी, जयपुर |संकलन: भारतकोश पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 776 |

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