रात्रि नदी  

रात्रि नदी का उल्लेख 'विष्णुपुराण'[1] में हुआ है। इस उल्लेख के अनुसार यह क्रौंच द्वीप की एक नदी थी[2]-

'गौरी कुमुद्वती चैव संध्या रात्रिर्मनोजवा, क्षांतिश्चपुंडरीका च सप्तैता वर्षनिम्नगा।'


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. विष्णुपुराण 2, 4, 55
  2. ऐतिहासिक स्थानावली |लेखक: विजयेन्द्र कुमार माथुर |प्रकाशक: राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी, जयपुर |संकलन: भारतकोश पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 786 |

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