सरफ़राज ख़ाँ  

सरफ़राज ख़ाँ बंगाल के नवाब शुजाउद्दीन (1727-1739 ई.) का पुत्र था। वह नवाब मुर्शिद कुली खाँ का दौहित्र था। सरफ़राज ख़ाँ बहुत ही अल्प समय (1739-1740 ई.) तल बंगाल का नवाब रहा।

  • अलीवर्दी ख़ाँ, जिसका मूल नाम 'मिर्ज़ा मुहम्मद ख़ाँ' था, को सरफ़राज ख़ाँ के पिता शुजाउद्दीन ने अपने राज्य में एक ख़ास स्थान दिया था।
  • नवाब शुजाउद्दीन ने मिर्ज़ा मुहम्मद ख़ाँ को मिट्टी से उठाकर आदमी बना दिया और वह 'अलीवर्दी ख़ाँ' या 'अलहवर्दी ख़ाँ' के नाम से मशहूर हुआ।
  • सरफ़राज ख़ाँ अपने पिता शुजाउद्दीन की मृत्यु के बाद बंगाल का नवाब बना था, किंतु वह इस पद पर अधिक समय तक नहीं रह सका।
  • 1740 ई. में अलीवर्दी ख़ाँ से सरफ़राज ख़ाँ 'घेरिया के युद्ध' में परास्त हुआ और मारा गया।
  • इस विजय से अलीवर्दी ख़ाँ बंगाल, बिहार और उड़ीसा के सम्मिलित प्रदेश का नवाब बन गया।


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