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- यह छोटा नागपुर के भाग से निकल कर हज़ारीबाग़, पटना, गया और मुंगेर ज़िलों से होकर प्रवाहित होती है।
- झारखण्ड से निकल कर यह उत्तर-पूर्व की ओर बहती हुई किउल और मोरहर नदियों के साथ गंगा के ताल क्षेत्रों में बिखर जाती है।
- रामायण में इस नदी को सुमागधी के नाम से पुकारा गया है।
- उस काल में यह नदी राजगीर के निकट से प्रवाहित होती थी।
- यह नदी अपना मार्ग बदलने के लिए प्रसिद्ध है।
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