अर्जुन नृथम  

अर्जुन नृथम केरल की नृत्य कला है, जो कि अलेप्पी और कोट्टायम जिलों में काफी लोकप्रिय है।

  • इस कला की प्रस्तुति रात के वक्त पारंपरिक ‘निलाविलक्कू’ नाम के दीपों की रोशनी में एक या दो व्यक्तियों द्वारा दी जाती है।
  • अर्जुन पांचों पांडवों में से नृत्य कला में सबसे निपुण थे, माना जाता है कि वह नृत्य और गीत के माध्यम से भद्रकाली की उपासना करते थे।
  • इस नृत्य की प्रस्तुति के दौरान पहनी जाने वाली पोशाक का निचला हिस्सा मोर के पंखों का बना हुआ होता है।
  • इस नृत्य को "मायिलपीली थूक्कम" के नाम से भी जाना जाता है।


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