जाजमऊ  

जाजमऊ गंगा नदी के तट पर कानपुर, उत्तर प्रदेश के निकट एक उप-महानगर है। यह एक औद्योगिक उपनगर है। जाजमऊ मुख्य रूप से चमड़ा उद्योग के लिए जाना जाता है।

  • जाजमऊ सबसे बड़ा चमड़ा उत्पादक नगर है। इस कारण इसे "कानपुर का चमड़ा नगर" कहा जाता है।
  • उन्नीसवीं शताब्दी में 'जजेस्मोव' के नाम से जाना जाने वाला जाजमऊ शहर कानपुर के उपनगरीय क्षेत्र में गंगा नदी के किनारे स्थित है।
  • वर्तमान में यह नगर एक औद्योगिक केंद्र है और 'भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण' के अनुसार यह इस क्षेत्र की सबसे पुरानी मानव बस्ती है।
  • खुदाई के दौरान मिले औज़ार, कलाकृतियाँ और मिट्टी के बर्तन शहर के इतिहास को 1300-1200 ई.पू तक में ले जाते हैं।
  • 'भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण' को यहाँ हाथीदांत की एक मुहर मिली है, जो चन्द्रगुप्त मौर्य के समय की है। ये प्रदर्शन वर्तमान में 'कानपुर संग्रहालय' में रखे गए हैं।
  • इस शहर में एक प्राचीन मस्जिद भी है, जिसे 'जिन्नातों की मस्जिद' कहा जाता है। पहाड़ी पर स्थित यह मस्जिद अपने सफ़ेद रंग के कारण वास्तुकला में विश्व प्रसिद्ध 'ताजमहल' से मिलती-जुलती है।[1]
  • मस्जिद से कुछ दूरी पर पहाड़ी के नीचे एक अन्य प्रसिद्ध धार्मिक स्थान 'हज़रत मखदूम शाह आला' की क़ब्र है, जिसका निर्माण फ़िरोज़ शाह तुग़लक़ ने 1358 में करवाया था।


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. जाजमऊ, कानपुर (हिन्दी) नेटिव प्लेनेट। अभिगमन तिथि: 31 दिसम्बर, 2014।

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