दूधई  

दूधई झांसी ज़िला, उत्तर प्रदेश का एक ऐतिहासिक स्थान है। मध्य युगीन बुंदेलखंड की वास्तुकला की सुंदर कुतियाँ, विशेषकर चंदेल तथा परवर्ती राज्य वंशों के समय में बने मंदिरों के अनेक अवशेष दूधई से प्राप्त हुए हैं।[1]

  • पुरातत्व विभाग के सर्वेक्षण में दूधई के जंगल में 'अखाड़ा' के नाम से लगभग एक ह़ज़ार वर्ष पुराना मन्दिर प्रकाश में आया है।
  • यह विशाल मन्दिर वृत्ताकार है, मध्य में आँगन और इसके चारों ओर अनेक कक्ष बने हैं, जिनमें विविध देवियों की मूर्तियाँ स्थापित हैं।
  • मन्दिर स्थापत्य कला की दृष्टि से अभी तक ज्ञात 'चौसठ योगिनी' का सबसे पुराना मन्दिर है।


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. पुस्तक, ऐतिहासिक स्थानावली, पृष्ठ संख्या- 440.
  • ऐतिहासिक स्थानावली | विजयेन्द्र कुमार माथुर | वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग | मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=दूधई&oldid=343849" से लिया गया