योगी आदित्यनाथ  

योगी आदित्यनाथ
योगी आदित्यनाथ
पूरा नाम योगी आदित्यनाथ
अन्य नाम अजय सिंह बिष्ट (वास्तविक नाम)
जन्म 5 जून, 1972
जन्म भूमि गढ़वाल, उत्तराखण्ड
नागरिकता भारतीय
पार्टी भारतीय जनता पार्टी
पद उत्तर प्रदेश के 21वें मुख्यमंत्री
भाषा हिन्दी
संबंधित लेख भारतीय जनता पार्टी, केशव प्रसाद मौर्य, दिनेश शर्मा
विशेष आदित्यनाथ जी की बहुमुखी प्रतिभा का एक आयाम लेखक का भी है। अपने दैनिक वृत्त पर विज्ञप्ति लिखने जैसे श्रमसाध्य कार्य के साथ-साथ वे समय-समय पर अपने विचार को स्तम्भ के रूप में समाचार पत्रों में भेजते रहते हैं।
रचनाएँ 'यौगिक षटकर्म', 'हठयोग: स्वरूप एवं साधना', 'राजयोग: स्वरूप एवं साधना' तथा 'हिन्दू राष्ट्र नेपाल'।
अन्य जानकारी योगी आदित्यनाथ सबसे पहले 1998 में गोरखपुर से लोकसभा चुनाव भाजपा प्रत्याशी के तौर पर लड़े और तब उन्होंने बहुत ही कम अंतर से जीत दर्ज की। लेकिन उसके बाद हर चुनाव में उनका जीत का अंतर बढ़ता गया और वे 1999, 2004, 20092014 में सांसद चुने गए।
बाहरी कड़ियाँ आधिकारिक वेबसाइट
अद्यतन‎

योगी आदित्यनाथ (अंग्रेज़ी: Yogi Adityanath, जन्म- 5 जून, 1972, गढ़वाल, उत्तराखण्ड) उत्तर प्रदेश राज्य के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री हैं। उनका मूल नाम 'अजय सिंह नेगी' है। उत्तर प्रदेश में सम्पन्न हुए विधान सभा चुनाव, 2017 में भारतीय जनता पार्टी की विजय के बाद उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया। उनके साथ ही केशव प्रसाद मौर्य तथा दिनेश शर्मा को सूबे का उप-मुख्यमंत्री बनाया गया है। पूर्वांचल में गहरी पैठ रखने वाले योगी आदित्यनाथ अपनी हिन्दुत्ववादी छवि के लिए विशेषतौर पर जाने जाते हैं। 'हिन्दू युवा वाहिनी' के संस्थापक आदित्यनाथ तमाम हिन्दू संगठनों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। दस वर्षों से अधिक समय से वे भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं। योगी आदित्यनाथ 2014 के लोक सभा चुनाव में पार्टी के टिकट पर गोरखपुर से लोक सभा सांसद चुने गए थे। वे 1998 से लगातार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। आदित्यनाथ जी गोरखनाथ मंदिर के पूर्व महन्त अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी हैं।

परिचय

योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून, 1972 को गढ़वाल, उत्तराखण्ड में हुआ था। उनका वास्तविक नाम अजय सिंह बिष्ट है। उन्होंने 22 वर्ष की अवस्था में गृह त्याग दिया और संन्यास ग्रहण कर लिया। गोरखनाथ मंदिर के महन्त अवैद्यनाथ के पुत्र योगी आदित्यनाथ बारहवीं लोक सभा (1998-1999) के सबसे युवा सांसद थे। उस समय उनकी उम्र महज 26 वर्ष थी। उन्होंने धर्मांतरण तथा गौ वध रोकने की दिशा में सार्थक कार्य किये हैं। वे गोरखपुर से लगातार पाँच बार से सांसद हैं। आदित्यनाथ जी का भारतीय जनता पार्टी के साथ रिश्ता एक दशक से भी पुराना है। वे पूर्वी उत्तर प्रदेश में अच्छा खासा प्रभाव रखते हैं। इससे पहले उनके पूर्वाधिकारी तथा गोरखनाथ मठ के पूर्व महन्त अवैद्यनाथ भी भारतीय जनता पार्टी से 1991 तथा 1996 का लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं।

शिक्षा

योगी आदित्यनाथ ने टिहरी के गजा के स्थानीय स्कूल में अपनी प्रारम्भिक शिक्षा शुरू की थी। स्कूल और कॉलेज के प्रमाणपत्र में उनका नाम अजय सिंह नेगी है। उन्होंने 1987 में टिहरी के गजा स्कूल से दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। वर्ष 1989 में उन्होंने ऋषिकेश के भरत मंदिर इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद 1990 में अपनी स्नातक की शिक्षा ग्रहण करते हुए वे एबीवीपी (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) से जुड़ गये। 1992 में कोटद्वार के गढ़वाल विश्वविद्यालय से उन्होंने गणित में बीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण की। योगी आदित्यनाथ वर्ष 1993 में एमएससी की पढ़ाई के दौरान गुरु गोरखनाथ पर रिसर्च करने गोरखपुर आए। यहाँ गोरक्षनाथ पीठ के महंत अवैद्यनाथ की नज़र अजय सिंह नेगी (आदित्यनाथ) पर पड़ी। इसके बाद 1994 में सांसारिक मोहमाया त्यागकर वे पूर्ण संन्यासी बन गए और दीक्षा लेने के बाद उनका नाम अजय सिंह नेगी से योगी आदित्यानाथ हो गया।

हिन्दू पुनर्जागरण अभियान

योगी आदित्यनाथ ने संन्यासियों के प्रचलित मिथक को तोड़ा। धर्मस्थल में बैठकर आराध्य की उपासना करने के स्थान पर, आराध्य के द्वारा प्रतिस्थापित सत्य एवं उनकी सन्तानों के उत्थान हेतु एक योगी की भाँति गाँव-गाँव और गली-गली वे निकल पड़े। सत्य के आग्रह पर देखते ही देखते शिव के उपासक की सेना चलती रही और शिव भक्तों की एक लम्बी कतार उनके साथ जुड़ती चली गयी। इस अभियान ने एक आन्दोलन का स्वरूप ग्रहण किया और हिन्दू पुनर्जागरण का इतिहास सृजित हुआ। अपनी पीठ की परम्परा के अनुसार योगी आदित्यनाथ ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक जनजागरण का अभियान चलाया। सहभोज के माध्यम से छुआछूत और अस्पृश्यता की भेदभावकारी रूढ़ियों पर जमकर प्रहार किया। वृहद हिन्दू समाज को संगठित कर राष्ट्रवादी शक्ति के माध्यम से हज़ारों मतान्तरित हिन्दुओं की ससम्मान घर वापसी का कार्य किया। गोरक्षा के लिए आम जनमानस को जागरूक करके गोवंशों का संरक्षण एवं सम्वर्धन करवाया। पूर्वी उत्तर प्रदेश में सक्रिय समाज विरोधी एवं राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर भी प्रभावी अंकुश लगाने में उन्होंने सफलता प्राप्त की। उनके हिन्दू पुनर्जागरण अभियान से प्रभावित होकर गाँव, देहात, शहर एवं अट्टालिकाओं में बैठे युवाओं ने इस अभियान में स्वयं को पूर्णत: समर्पित कर दिया। बहुआयामी प्रतिभा के धनी योगी जी, धर्म के साथ-साथ सामाजिक, राजनीतिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से राष्ट्र की सेवा में रत हो गये।[1]

राजनीतिक गतिविधियाँ

गोरखनाथ मंदिर के पूर्व महंत अवैद्यनाथ जी ने जब 1998 में राजनीति से संन्यास लिया, तब उन्होंने योगी आदित्यनाथ को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया। यहीं से योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक पारी शुरू हुई।[2] योगी आदित्यनाथ ने पूज्य गुरुदेव के आदेश एवं गोरखपुर संसदीय क्षेत्र की जनता की मांग पर 1998 में लोकसभा चुनाव लड़ा और मात्र 26 वर्ष की आयु में भारतीय संसद के सबसे युवा सांसद बने। जनता के बीच दैनिक उपस्थिति, संसदीय क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले लगभग 1500 ग्रामसभाओं में प्रतिवर्ष भ्रमण तथा हिन्दुत्व और विकास के कार्यक्रमों के कारण गोरखपुर संसदीय क्षेत्र की जनता ने उन्हें वर्ष 1999, 2004 और 2009 के चुनाव में निरन्तर बढ़ते हुए मतों के अन्तर से विजयी बनाकर चार बार लोकसभा का सदस्य बनाया।[1]

संसद में सक्रिय उपस्थिति एवं संसदीय कार्य में रुचि लेने के कारण योगी आदित्यनाथ को केन्द्र सरकार ने खाद्य एवं प्रसंस्करण उद्योग और वितरण मंत्रालय, चीनी और खाद्य तेल वितरण, ग्रामीण विकास मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी, सड़क परिवहन, पोत, नागरिक विमानन, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालयों के स्थायी समिति के सदस्य तथा गृह मंत्रालय की सलाहकार समिति, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और अलीगढ़ विश्वविद्यालय की समितियों में सदस्य के रूप में समय-समय पर नामित किया। व्यवहार कुशलता, दृढ़ता और कर्मठता से उपजी योगी आदित्यनाथ की प्रबन्धन शैली शोध का विषय है। इसी अलौकिक प्रबन्धकीय शैली के कारण आदित्यनाथ जी लगभग 36 शैक्षणिक एवं चिकित्सकीय संस्थाओं के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मंत्री, प्रबन्धक या संयुक्त सचिव हैं।

हिन्दुत्व के प्रति अगाध प्रेम तथा मन, वचन और कर्म से हिन्दुत्व के प्रहरी योगी आदित्यनाथ जी को 'विश्व हिन्दू महासंघ' जैसी हिन्दुओं की अन्तर्राष्ट्रीय संस्था ने अन्तर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा भारत इकाई के अध्यक्ष का महत्त्वपूर्ण दायित्व दिया, जिसका सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए आदित्यनाथ जी वर्ष 1997, 2003, 2006 में गोरखपुर में और 2008 में तुलसीपुर (बलरामपुर) में विश्व हिन्दू महासंघ के अन्तर्राष्ट्रीय अधिवेशन को सम्पन्न कराया। राजनीति के मैदान में आते ही उन्होंने सियासत की दूसरी डगर भी पकड़ ली। उन्होंने हिन्दू युवा वाहिनी का गठन किया और धर्म परिवर्तन के खिलाफ मुहिम छेड़ दी।

लेखन कार्य

‘योगवाणी’ पत्रिका

योगी आदित्यनाथ की बहुमुखी प्रतिभा का एक आयाम लेखक का भी है। अपने दैनिक वृत्त पर विज्ञप्ति लिखने जैसे श्रमसाध्य कार्य के साथ-साथ आप समय-समय पर अपने विचार को स्तम्भ के रूप में समाचार पत्रों में भेजते रहते हैं। अत्यल्प अवधि में ही आदित्यनाथ जी ने निम्न पुस्तकें लिखी हैं-

  1. ‘यौगिक षटकर्म’
  2. ‘हठयोग: स्वरूप एवं साधना’
  3. ‘राजयोग: स्वरूप एवं साधना’
  4. ‘हिन्दू राष्ट्र नेपाल’

श्री गोरखनाथ मन्दिर से प्रकाशित होने वाली वार्षिक पुस्तक ‘योगवाणी’ के योगी आदित्यनाथ प्रधान सम्पादक हैं। वे ‘हिन्दवी’ साप्ताहिक समाचार पत्र के प्रधान सम्पादक भी रहे हैं। उनका कुशल नेतृत्व युगान्तकारी है और एक नया इतिहास रच रहा है।

व्यक्तित्व आयाम

योगी आदित्यनाथ के व्यक्तित्व के कई आयाम हैं। उनका जीवन एक योगी का जीवन है, सन्त का जीवन है। पीड़ित, ग़रीब, असहाय के प्रति करुणा, किसी के भी प्रति अन्याय एवं भ्रष्टाचार के विरुद्ध तनकर खड़ा हो जाने का निर्भीक मन, विचारधारा एवं सिद्धान्त के प्रति अटल, लाभ-हानि, मान-सम्मान की चिन्ता किये बगैर साहस के साथ किसी भी सीमा तक जाकर धर्म एवं संस्कृति की रक्षा का प्रयास उनकी पहचान है।[1]

स्वास्थ्य सेवा एवं शिक्षा के क्षेत्र में योगदान

शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता दिये जाने के गोरक्षपीठ द्वारा जारी अभियान को योगी आदित्यनाथ ने भी और सशक्त ढंग से आगे बढ़ाया है। उनके नेतृत्व में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद द्वारा आज तीन दर्जन से भी अधिक शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थाएँ गोरखपुर एवं महाराजगंज जनपद में कुष्ठ रोगियों एवं वनटांगियों के बच्चों की निःशुल्क शिक्षा से लेकर बी.एड. एवं पॉलिटेक्निक जैसे रोज़गारपरक सस्ती एवं गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करने का भगीरथ प्रयास जारी है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय ने अमीर-गरीब सभी के लिये एक समान उच्च कोटि की स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध करायी हैं। निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों ने जनता के घर तक स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुचायी हैं।

सामाजिक समरसता के अग्रदूत

गोरक्षपीठ का मंत्र है- जाति-पाँति पूछे नहिं कोई-हरि को भजै सो हरि का होई। गोरक्षनाथ ने भारत की जातिवादी-रूढ़िवादिता के विरुद्ध जो उद्घोष किया, उसे इस पीठ ने अनवरत जारी रखा। गोरक्षपीठाधीश्वर परमपूज्य महन्त अवेद्यनाथ जी महाराज के पद-चिह्नों पर चलते हुए योगी आदित्यनाथ ने भी हिन्दू समाज में व्याप्त कुरीतियों, जातिवाद, क्षेत्रवाद, नारी-पुरुष, अमीर-गरीब आदि विषमताओं, भेदभाव एवं छुआछूत पर कठोर प्रहार करते हुए, इसके विरुद्ध अनवरत अभियान जारी रखा है। गाँव-गाँव में सहभोज के माध्यम से एक साथ बैठें-एक साथ खाएँं मंत्र का उन्होंने उद्घोष किया।

मानवता को समर्पित जीवन

वैभवपूर्ण ऐश्वर्य का त्याग कर कंटकाकीर्ण पगडंडियों का मार्ग योगी आदित्यनाथ ने स्वीकार किया है। उनके जीवन का उद्देश्य है-

"न त्वं कामये राज्यं, न स्वर्ग ना पुनर्भवम्। कामये दुःखतप्तानां प्राणिनामर्तिनाशनम्।"

अर्थात् "हे प्रभो! मैं लोक जीवन में राजपाट पाने की कामना नहीं करता हूँ। मैं लोकोत्तर जीवन में स्वर्ग और मोक्ष पाने की भी कामना नहीं करता। मैं अपने लिये इन तमाम सुखों के बदले केवल प्राणिमात्र के कष्टों का निवारण ही चाहता हूँ।"


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 1.2 परम पूज्य महन्त योगी आदित्यनाथ जी महाराज (हिंदी) yogiadityanath.in। अभिगमन तिथि: 19 मार्च, 2018।
  2. अजय सिंह के योगी आदित्यनाथ बनने की पूरी कहानी (हिंदी) news18.com। अभिगमन तिथि: 18 मार्च, 2018।

संबंधित लेख

भारतीय राज्यों में पदस्थ मुख्यमंत्री
क्रमांक राज्य मुख्यमंत्री तस्वीर पार्टी पदभार ग्रहण
1. अरुणाचल प्रदेश पेमा खांडू
Pema-Khandu.jpg
भाजपा 17 जुलाई 2016
2. असम सर्बानन्द सोनोवाल
Sarbanada Sonowal.jpg
भाजपा 24 मई 2016
3. आंध्र प्रदेश वाई एस जगनमोहन रेड्डी
Y-S-Jaganmohan-Reddy.jpg
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी 30 मई, 2019
4. उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ
Yogi-Adityanath-1.jpg
भाजपा 19 मार्च 2017
5. उत्तराखण्ड त्रिवेंद्र सिंह रावत
Trivendra-Singh-Rawat.jpg
भाजपा 18 मार्च 2017
6. ओडिशा नवीन पटनायक
Naveen-Patnaik.jpg
बीजू जनता दल 5 मार्च 2000
7. कर्नाटक बी. एस. येदयुरप्पा
B-S-Yediyurappa.jpg
भाजपा 26 जुलाई 2019
8. केरल पिनाराई विजयन
Pinarayi Vijayan.jpg
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी 25 मई 2016
9. गुजरात विजय रूपाणी
Vijay-Rupani.jpg
भाजपा 7 अगस्त, 2016
10. गोवा प्रमोद सावंत
Pramod-Sawant.jpg
भाजपा 19 मार्च 2019
11. छत्तीसगढ़ भूपेश बघेल
Bhupesh-Baghel.jpg
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 17 दिसम्बर 2018
12. जम्मू-कश्मीर रिक्त (राज्यपाल शासन) लागू नहीं 20 जून 2018
13. झारखण्ड हेमन्त सोरेन
Hemant-Soren.JPG
झारखंड मुक्ति मोर्चा 29 दिसम्बर 2019
14. तमिल नाडु के. पलानीस्वामी
K-Palaniswami.jpg
अन्ना द्रमुक 16 फ़रवरी 2017
15. त्रिपुरा बिप्लब कुमार देब
Biplab-Kumar-Deb.jpg
भाजपा 9 मार्च 2018
16. तेलंगाना के. चन्द्रशेखर राव
K-Chandrasekhar-Rao.jpg
तेरास 2 जून 2014
17. दिल्ली अरविन्द केजरीवाल
KEJRIWAL.jpg
आप 14 फ़रवरी 2015
18. नागालैण्ड नेफियू रियो
Neiphiu-Rio.jpg
एनडीपीपी 8 मार्च 2018
19. पंजाब अमरिंदर सिंह
Armindar-Singh.jpg
कांग्रेस 16 मार्च 2017
20. पश्चिम बंगाल ममता बनर्जी
Mamata Banerjee.jpg
तृणमूल कांग्रेस 20 मई 2011
21. पुदुचेरी वी. नारायणसामी
वी. नारायणसामी.jpg
कांग्रेस 6 जून 2016
22. बिहार नितीश कुमार
Nitish-Kumar-1.jpg
जदयू 27 जुलाई 2017
23. मणिपुर एन. बीरेन सिंह
N.Biren-Singh-1.jpg
भाजपा 15 मार्च 2017
24. मध्य प्रदेश कमलनाथ
Kamalnath-1.jpg
कांग्रेस 17 दिसम्बर 2018
25. महाराष्ट्र उद्धव ठाकरे
Uddhav-Thackeray.jpg
शिव सेना 28 नवम्बर 2019
26. मिज़ोरम ज़ोरामथंगा
Zoramthanga.jpg
मिज़ो नेशनल फ्रंट 8 दिसम्बर 2018
27. मेघालय कॉनराड संगमा
Conrad-Sangma-1.jpg
एनपीपी 6 मार्च, 2018
28. राजस्थान अशोक गहलोत
Ashok-gehlot.jpg
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 17 दिसम्बर 2018
29. सिक्किम प्रेम सिंह तमांग
Prem-Singh-Tamang.jpg
सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा 27 मई 2019
30. हरियाणा मनोहर लाल खट्टर
Manohar-Lal-Khattar.jpg
भाजपा 26 अक्टूबर 2014
31. हिमाचल प्रदेश जयराम ठाकुर
Jairam-Thakur.jpg
भाजपा 27 दिसंबर 2017

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=योगी_आदित्यनाथ&oldid=616017" से लिया गया