सिक्ख सुधार आन्दोलन  

सिक्ख सुधार आन्दोलन की शुरुआत 19वीं शताब्दी में अमृतसर में ‘खालसा कॉलेज’ की स्थापना की साथ हुई थी।

  • ‘खालसा दीवान’ के नाम से भी प्रसिद्ध इस संस्था ने पंजाब में अनेक गुरुद्वारों एवं स्कूल-कॉलेजों की स्थापना की।
  • 1920 ई. में स्थापित ‘अकाली आंदोलन’ ने गुरुद्वारों में प्रबंध सुधार के लिए महन्तों के ख़िलाफ़ अहिंसात्मक असहयोग सत्याग्रह आन्दोलन शुरू किया।
  • पहले कम्पनी सरकार ने इस आन्दोलन को कुचलना चाहा, पर आन्दोलन की प्रचण्डता ने सरकार को झुकने के लिए मजबूर कर दिया।
  • 1922 ई. में 'सिक्ख गुरुद्वारा अधिनियम' पास हुआ और 1925 ई. में अधिनियम को संशोधित किया गया।
  • सिक्ख समुदाय में सुधार आन्दोलन के प्रेरक 'दयाल साहिब' थे।
  • यह आन्दोलन सिक्ख धर्म में प्रचलित हिन्दू रीति-रिवाजों को हटाने के लिए चलाया गया था।


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