देवप्रस्थ  

देवप्रस्थ का उल्लेख महाभारत में हुआ है। महाभारत के वर्णन के अनुसार अर्जुन ने अपनी दिग्विजय यात्रा के प्रसंग में देवप्रस्थ को जीता था।

  • देवप्रस्थ में सेनाबिंदु की राजधानी थी-
'सदेवप्रस्थमासाद्य सेनाबिंदो: पुरंप्रति, बलेन चतुरंगेण निवेशमकरोत् प्रभु:'[1]


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ऐतिहासिक स्थानावली |लेखक: विजयेन्द्र कुमार माथुर |प्रकाशक: राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी, जयपुर |पृष्ठ संख्या: 444 |

  1. महाभारत, सभापर्व, 27, 13.
  2. महाभारत, सभापर्व 27, 14

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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