नाभापंक्ति  

नाभापंक्ति का उल्लेख अशोक के तेरहवें शिलालेख में हुआ है, परंतु उसकी ठीक पहचान नहीं हो सकी है।

  • अभिलेख की अन्य प्रतियों में उन्हें नाभक और नाभिति भी कहा गया है।
  • भण्डारकर महोदय का मत था कि वे उत्तर पश्चिमी सीमांत प्रदेश और भारत के पश्चिमी तट के बीच निवास करते थे।[1]
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भट्टाचार्य, सचिदानंद भारतीय इतिहास कोश (हिंदी)। लखनऊ: उत्तरप्रदेश हिंदी संस्थान, 220-221।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. डी.आर. भण्डारकर कृत अशोक पृ. 33

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