वरण  

वरण नामक प्राचीन नगर का उल्लेख 'बुद्धचरित'[1] में हुआ है, जहाँ 'वारण' नामक यक्ष को बुद्ध ने दीक्षा दी थी। इसका अभिज्ञान अनिश्चित है।[2]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. बुद्धचरित 21,25
  2. ऐतिहासिक स्थानावली |लेखक: विजयेन्द्र कुमार माथुर |प्रकाशक: राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी, जयपुर |संकलन: भारतकोश पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 833 |

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