विक्रमपुर  

विक्रमपुर पूर्व बंगाल, पाकिस्तान का एक ऐतिहासिक स्थान था। यह मध्य काल में बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र हुआ करता था।[1]

  • मध्य काल के समय यहाँ के बौद्ध विहारों तथा विद्यालयों की ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई थी।
  • 11वीं शती ई. के राजा भोजवर्मदेव का एक महत्वपूर्ण ताप्रपट्ट लेख मिला है, जो विक्रमपुर से प्रचलित किया गया था। उस समय यहाँ भोजवर्मदेव का शिविर था।
  • प्राप्त अभिलेख से तत्कालीन शासन व्यवस्था के विषय में पर्याप्त जानकारी प्राप्त होती है। निम्न अधिकारियों का उल्लेख इस अभिलेख में है-

राजामात्य, पुरोहित, पीठिकावित्त, महाधर्माध्यक्ष, महासंधिविग्रहक, अंतरंगवृहदुपरिक, महाक्षिपटलिक, महाप्रतिहार, महाभोगिक, महाव्यूहपति, महापीलुपति[2], महागणस्थ, दोस्साधिक, चैरोद्धरणिक, गुल्मिक, दंडपाशिक, दंडनायक, विषयपति, आदि


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. ऐतिहासिक स्थानावली |लेखक: विजयेन्द्र कुमार माथुर |प्रकाशक: राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी, जयपुर |संकलन: भारतकोश पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 850 |
  2. =हस्तिसेनाध्यक्ष

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