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सुधा सिंह

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सुधा सिंह

सुधा सिंह (अंग्रेज़ी: Sudha Singh, जन्म- 25 जून, 1986) भारत की प्रसिद्ध महिला एथलीटों में से एक हैं। वर्ष 2012 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। सुधा सिंह 3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा की ओलंपिक एथलीट हैं। उन्होंने एशियाई खेलों और महाद्वीपीय चैंपियनशिप के विभिन्न संस्करणों में दो स्वर्ण और चार रजत पदक जीते हैं। साथ ही 2012 और 2016 में लगातार दो ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

कॅरियर

सुधा सिंह ने दो ओलंपिक, तीन एशियाई खेलों, दो विश्व चैंपियनशिप और चार एशियाई चैंपियनशिप में हिस्सा लिया है। उन्होंने अधिकतर 3000 मीटर स्टीपलचेज में हिस्सा लिया। इस स्पर्धा का नेशनल रिकॉर्ड भी उनके नाम रहा, जिसको बाद में ललिता बाबर ने तोड़ा। सुधा सिंह का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2010 एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक रहा। उन्होंने 2018 के खेलों में इसी स्पर्धा का रजत पदक जीता। सुधा सिंह ने 2017 एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण के अलावा तीन रजत पदक (2009, 2011 और 2013) भी जीते। सुधा सिंह ने अपने अधिकतर अंतरराष्ट्रीय पदक 3000 मीटर स्टीपलचेज में जीते, लेकिन उनकी नजरें मैराथन के जरिए तीसरे ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने पर टिकी। वह 2015 विश्व चैंपियनशिप की मैराथन स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

'पद्मश्री' सम्मानित

उत्तर प्रदेश के रायबरेली की रहने वाली सुधा सिंह, मिल्खा सिंह, अंजू बॉबी जॉर्ज और पी. टी. उषा जैसे ट्रैक एवं फील्ड के एलीट खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हो गई हैं, जिन्हें 'पद्मश्री (2021)' से सम्मानित किया गया है। सुधा सिंह को 2021 के पुरस्कारों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने नॉमिनेट किया था। सुधा सिंह ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा, "मुझे जब यह खबर मिली कि मुझे पद्मश्री के लिए चुना गया है तो मैं थोड़ी हैरान थी। मैं इसकी हकदार थी लेकिन आपको कभी नहीं पता होता कि आपको यह मिलेगा या नहीं। मुझे नॉमिनेट करने के लिए मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की आभारी हूं।"


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

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