सोमदेव  

सोमदेव कश्मीर के निवासी थे, जिनका समय अनुमान से 11वीं शताब्दी माना जाता है। इन्होंने प्रसिद्ध ग्रंथ 'कथासरित्सागर' की रचना की थी।

  • सोमदेव के जीवन के बारे में कुछ भी पता नहीं है। उनके पिता का नाम 'राम' था।
  • सम्भवतः 1063 और 1081 के मध्य उन्होंने रानी सूर्यमती के चित्तविनोद के लिये महाग्रन्थ 'कथासरित्सागर]]' की रचना की थी। सूर्यमती जालन्धर की राजकुमारी और कश्मीर के राजा अनन्तदेव की पत्नी थी। कहा जाता है कि भयानक राजनैतिक अशान्ति, रक्तपात और जटिल परिस्थितियों के कारण बिषादग्रस्त हुई रानी के मानसिक स्वास्थ्य के लिये इस ग्रन्थ की रचना हुई थी।
  • सोमदेव शैव ब्राह्मण थे। तथापि बौद्ध धर्म के प्रति उनकी अगाध श्रद्धा थी। 'कथासरित्सागर' की किसी-किसी कथा में इसी कारण बौद्ध प्रभाव परिलक्षित होता है।


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