रेग्स  

रेग्स से तात्पर्य है, वह रेगिस्तान जिनकी धरती की सतह पर पत्थर जड़े हुए से प्रतीत होते हैं तथा उस सतह के नीचे महीन बालू होती है।

  • किसी भी उर्वर और शुष्क भूमि पर, जहाँ मिट्टी का काफ़ी क्षरण हो चुका हो और नीचे की पथरीली सतह वायु के प्रवाह के कारण उभर कर स्पष्ट हो जाए, तब रेग्स का निर्माण होता है।
  • जहाँ केवल बजरी और पत्थर, जिन्हें चर्ट और फ्लिंट कहते हैं, लगभग समतल भू-भाग निर्मित करे और यह पत्थर एक-दूसरे से भली-भांति जुड़े हुए से हों, तब ये रेग्स की रचना करते हैं।
  • रेग्स एक कठोर आवरण के रूप में मरुभूमि की रक्षा करने में सक्षम होते हैं।


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=रेग्स&oldid=330878" से लिया गया