दधिसंक्रान्ति व्रत

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  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • यह व्रत उत्तरायण संक्रान्ति पर प्रारम्भ होता है।
  • प्रत्येक संक्रान्ति पर एक वर्ष तक यह व्रत चलता है।
  • इस व्रत में नारायण एवं लक्ष्मी की पूजा की जाती है।
  • इनकी मूर्तियों को दही से स्नान कराना तथा ऋग्वेद[1] मन्त्र या 'ओं नमो नारायणाय का पाठ करना होता है।[2]

 

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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. ऋग्वेद, (1|22|20
  2. वर्षक्रियाकौमुदी (218-222