ध्वज नवमी

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  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • पौष शुक्ल पक्ष की नवमी को यह व्रत होता है।
  • इस तिथि को शम्बरी (शाबरी?) कहा जाता है।
  • कुमारी एवं सिंहवाहिनी चण्डिका की पूजा झण्डों, मालतीपुष्पों एवं अन्य उपचारों की जाती है तथा पशुओं की बलि दी जाती है।
  • राजा को दूवी के मन्दिर में झण्डा फहराना चाहिए।
  • कुमारियों को खाना खिलाना चाहिए तथा उपवास करना चाहिए या एकभक्त रहना चाहिए।[1]


टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. हेमाद्रि (व्रत0 1, 891-894, भविष्योत्तरपुराण से उद्धरण)।

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