वायु व्रत

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  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • यह व्रत ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी पर आरम्भ करना चाहिए।
  • इस व्रत में वायु की पूजा करनी चाहिए।
  • यह एक वर्ष तक प्रत्येक शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी पर उपवास करके करना चाहिए।
  • अन्त में दो वस्त्रों का दान करना चाहिए।[1]
  • इससे परमोच्च पद की प्राप्ति होती है।[2]


टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. हेमाद्रि (व्रतखण्ड 2, 152, विष्णुधर्मोत्तरपुराण से उद्धरण)।
  2. हेमाद्रि (व्रतखण्ड 1, 791)।

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