अंगार बरसना  

अंगार बरसना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- बहुत अधिक गरमी पड़ना या प्रचंड लू चलना।

प्रयोग- जेठ की दुपहरी थी,धरती जल रही थी,अंगारे बरस रहे थे और वह गंगा में डुव मरने के लिए नंगे पाँव दौड़ा चला जा रहा था ।


टीका टिप्पणी और संदर्भ

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