खोपड़ी खुलना  

खोपड़ी खुलना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- सिर फटना।

प्रयोग- अगर यह दाँव बैठ गया तो ईट से ईट बज जाएगी दो- चार की खोपड़ियाँ खुलेंगी, दो-चार की टाँगें टूटेंगी।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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