ज़ात पहचानना  

ज़ात पहचानना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- यह जानना कि अमुक व्यक्ति का कुल-शील फलत:आचरण-स्वभाव कैसा है।

प्रयोग- दमड़ी की हंडिया खोकर कुत्ते की ज़ात तो पहचान ली जाएगी।-प्रेमचंद

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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