अधर डुबोना  

अधर डुबोना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- चुस्की लेना, पान करना।

प्रयोग- एक बार की जली भाभी जहाँ छाछ को भी फूँक- फूकँकर पीना नहीं भूलती थी, वहीं पर ननद जले दूध के छालों की स्मृति को भूलभाल किसी अबोध शिशु के अधैर्य से फिर उबलते दूध के पात्र में अधर डूबो देती। (शिवानी)


टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

कहावत लोकोक्ति मुहावरे वर्णमाला क्रमानुसार खोजें

                              अं                                                                                              क्ष    त्र    श्र

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=अधर_डुबोना&oldid=624521" से लिया गया