आँख न लगना  

आँख न लगना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- झपकी न लगना, नींद न आना।

प्रयोग- दौड़ते-दौड़ते शरीर के जोड़-तोड़ ऐसे ढील पड़ गए हैं कि रात में आँख भी नहीं लग पाती । (सीता चतुर्वेदी)

टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

कहावत लोकोक्ति मुहावरे वर्णमाला क्रमानुसार खोजें

                              अं                                                                                              क्ष    त्र    श्र

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=आँख_न_लगना&oldid=624194" से लिया गया