उतारु होना  

उतारु होना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है ।

अर्थ -कटिबद्ध या सन्नद्ध होना।

प्रयोग -जब कभी गवाह बदलने लगता है या कलई खोलने पर उतारु हो जाता है। पुलिसवाले उसके घरवालों को दबाते है।‌-(प्रेमचंद)

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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