मिज़ाज ठंडा करना  

मिज़ाज ठंडा करना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- अकड़ या ऐंठन दूर करना।

प्रयोग- इस पर शामत सवार है, कोई चपरासी, जरा लगाओ तो बदमाश को पचास जूते, मिज़ाज ठंडा हो जाए। (प्रेमचंद)

टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

कहावत लोकोक्ति मुहावरे वर्णमाला क्रमानुसार खोजें

                              अं                                                                                              क्ष    त्र    श्र

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=मिज़ाज_ठंडा_करना&oldid=626481" से लिया गया