कुछ कर बैठना  

कुछ कर बैठना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- अनुचित, विशेषत: अपनी सीमा का उल्लंघन करते हुए कोई कार्य करना।

प्रयोग- जमीला तुम्हारी बना दी जाएगी, यह बात इनाम के लिए इतना ख़ुश कर देने वाली थी कि मुझे संदेह होने लगा कि कहीं यह कुछ कर न बैठे। (भूषण वनवानी)

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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