किताब का कीड़ा  

किताब का कीड़ा एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- पुस्तकों में ही खोया रहनेवाला व्यक्ति।

प्रयोग- मेरे जैसे किताब के कीड़ों को कौन औरत पसंद करेगी। (प्रेमचंद)


टीका टिप्पणी और संदर्भ

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