कलई खुलना  

कलई खुलना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- भेद या रहस्य खुलना, भंडा फूटना।

प्रयोग- उन्हें सबसे विषम वेदना यही थी कि मेरे मनोभावो की कलई खुल गई। (प्रेमचंद)

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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