छूटा साँड़  

छूटा साँड़ एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- आवारा आदमी।

प्रयोग- लड़के गाँव में भी हैं, मगर उनमें कुछ लिहाज है, कुछ अदब है, कुछ डर है। ये सब तो छूटे साँड़ हैं। ...(प्रेमचंद)


टीका टिप्पणी और संदर्भ

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