चक्र चलाना  

चक्र चलाना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- योजना पूर्वक कार्य करना।

प्रयोग- पर निष्ठर कैकेयी ने ऐसा चक्र चलाया कि राज्याभिषेक का सारा उत्सव शोक से तपे हुए राजा दशरथ के आँसुओं से लिप गया। (सीताराम चतुर्वेदी)

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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