आँखें फाड़कर देखना  

आँखें फाड़कर देखना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- आश्चर्य मिश्रित विकलता से देखना।

प्रयोग- इस पहाड़ी से जब तुम ऊपर उड़ोगे तब तुम्हारा उड़ना देखकर सिद्धों की भोली-भोली स्त्रियाँ आँखें फाड़ फाड़कर तुम्हारी ओर देखती हुई सोचेंगी कि कहीं पहाड़ की चोटी को पवन तो नही उड़ाए लिए चला जा रहा है। - (सीताराम चतुवर्वेदी)


टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

कहावत लोकोक्ति मुहावरे वर्णमाला क्रमानुसार खोजें

                              अं                                                                                              क्ष    त्र    श्र

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=आँखें_फाड़कर_देखना&oldid=624036" से लिया गया