कहावत लोकोक्ति मुहावरे-स  

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कहावत लोकोक्ति मुहावरे अर्थ
1- सींग गिरेला जानवर और मनई कोड़, यह नीके ना होयगें करलो जतन करोड़। अर्थ - गिरे हुए सींग के जानवर तथा आलसी मनुष्य कभी भी अच्छे नहीं होते। दोनों हमेशा बीमारी का घर रहते हैं।
2- सोने की चिडिया हाथ से निकल जाना। अर्थ - लाभदायक वस्तु का खो जाना।
3- सौ की जोत पचासै जोतै, ऊँच के बाँधै बारी। जो पचास का सौ न तुलै, दव घाघ को गारी।। सर्व तपै जो रोहिनी, सर्व तपै जो मूर। परिवा तपै जो जेठ की, उपजै सातो तूर।। अर्थ - यदि रोहिणी में तपे और मूल भी पूरा तपे और जेठ की प्रतिपदा भी तपे तो सातों तरह के अन्न पैदा होते हैं।
4- सोम सुक्र सुरगुरु दिवस, पौष अमावस होय। घर घर बजे बधावनो, दुखी न दीखै कोय।। अर्थ - पूस की अमावस्या को सोमवार, शुक्रवार या बृहस्पतिवार पड़े तो घर घर बधाई बजेगी,कोई दुखी न दिखाई पड़ेगा।
5- सावन पहिले पाख में, दसमी रोहिनी होय। महंग नाज अरु स्वल्प जल, विरला विलसै कोय।। अर्थ - अगर सावन कृष्ण पक्ष में दशमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र हो तो समझ लेना चाहिए कि अनाज महंगा होगा और वर्षा कम होगी, कम लोग ही सुखी रहेगें।
6- सावन सुक्ला सप्तमी, जो गरजै अधिरात। बरसै तो झुरा परै, नाहीं समौ सुकाल।। अर्थ - अगर सावन माह की सप्तमी को आधी रात के समय बादल गरजें और पानी बरसें तो झुरा पड़ेगा; न बरसे तो समय अच्छा बीतेगा।
7- साझे की हाँड़ी चौराहे फूटी। अर्थ - ज़िम्मेदारी एक ही व्यक्ति की होनी चाहिए नहीं तो काम ख़राब हो जाता है।
8- संसार से उठना / विदा होना। अर्थ - मर जाना।
9- सफ़ेद झूठ। अर्थ - बिलकुल झूठ।
10- सब्ज़बाग़ दिखाना। अर्थ - अच्छी बातें कह कर बहकाना।
11- साँचे में ढला होना। अर्थ - रूपवान होना।
12- साँप को दूध पिलाना। अर्थ - बुरे के साथ नेकी करना।
13- साँप छछूंदर की गति होना। अर्थ - असमंजस की दशा होना।
14- साँप सूँघ जाना। अर्थ - गुपचुप हो जाना।
15- सात घाट का पानी पीना। अर्थ - व्यापक अनुभव होना।
16- घाट –घाट का पानी पीना। अर्थ - व्यापक अनुभव होना।
17- सिंदूर चढ़ना। अर्थ - लड़की का विवाह होना।
18- सिट्टी-पिट्टी गुम हो जाना। अर्थ - होश उड़ जाना।
19- सिर उठाना। अर्थ - विरोध करना।
20- सिर गंजा करना। अर्थ - बुरी तरह पीटना।
21- सिर पर कफ़न बाँधना। अर्थ - बलिदान देने के लिए तैयार होना।
22- सिर पर ख़ून सवार होना। अर्थ - मरने -मारने पर उतारू होना।
23- सिर पर पाँव रखकर भागना। अर्थ - तुरंत भाग जाना।
24- सिर पर भूत सवार होना। अर्थ - धुन लग जाना।
25- सिर पर सवार रहना। अर्थ - पीछे पड़ना।
26- सिर मुंड़ाते ओले पड़ना। अर्थ - काम शुरू होते ही बाधा आना।
27- सींग कटाकर बछड़ों में मिलना। अर्थ - बूढ़े होकर भी बच्चों जैसा काम करना।
28- सुबह–शाम कटना। अर्थ - टालमटोल करना।
29- सुई की नोंक के बराबर। अर्थ - ज़रा सा।
30- सूख कर काँटा होना। अर्थ - बहुत दुर्बल होना।
31- सूखी धान पर पानी पड़ना। अर्थ - दशा सुधरना।
32- सूरज को दीपक दिखाना। अर्थ - प्रसिद्ध व्यक्ति का परिचय देना।
33- सेमल का फूल होना। अर्थ - दिखावटी रूप से, धोखा होना।

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