माथा ठोंकना  

माथा ठोंकना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- दुर्दशा या बदकिस्मती के कारण दुखी होना।

प्रयोग- जब उन्होंने सुना कि चार-पाँच साल से अच्छी जगहों पर रहने के बावजूद तीनो कमाऊ पूतों ने एक पैसा भी नहीं बचाया तो उन्होंने अपना माथा ठोंक लिया। (सुरेश सिन्हा)

टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

कहावत लोकोक्ति मुहावरे वर्णमाला क्रमानुसार खोजें

                              अं                                                                                              क्ष    त्र    श्र

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=माथा_ठोंकना&oldid=626444" से लिया गया