गला बैठना  

गला बैठना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- अधिक बोलने, गाने या किसी रोग के कारण गले से आवाज़ न निकलना या बहुत मंद या बेसुरी आवाज़ निकलना।

प्रयोग- नवल किशोर का गला बैठा हुआ था इसलिये वह संगीत कला में हिस्सा न ले सका।


टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

कहावत लोकोक्ति मुहावरे वर्णमाला क्रमानुसार खोजें

                              अं                                                                                              क्ष    त्र    श्र

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=गला_बैठना&oldid=625126" से लिया गया