ज़बान चूक जाना  

ज़बान चूक जाना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- मुँह से कुछ का कुछ निकल जाना।

प्रयोग- दीपक ने सुरेश से कहा- "अरे यार रहने दो, तुम सेठ जी के सामने जाते ही ज़बान चूक जाते हो।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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