मज़ाक समझना  

मज़ाक समझना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- साधारण हँसी की बात अर्थात् उपेक्ष्य बात समझना।

प्रयोग- वह मेरी ज़िंदगी से खेल रहा है और तुम इसे मज़ाक समझ रही हो। (भूषण वनमाली)

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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