गुंचा खिलना  

गुंचा खिलना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ-

  1. नाच-रंग या आमोद-प्रमोद होना।
  2. चेहरे का प्रफुल्लित होना।
  3. किसी अनुचित बात या कार्य का प्रकाश में आना।

प्रयोग- ब्याह की बाते चलते ही आपकी लाड़ली के चेहरे पर गुंचे खिल गये।


टीका टिप्पणी और संदर्भ

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