आँसू पोंछना  

आँसू पोंछना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- दुखी व्यक्ति को सांत्वना देना।

प्रयोग-

  1. पति क प्रेम तो उसने जाना ही नही, तुमने उसके आँसू अवश्य पोंछे। - (राजा राधिका प्रसाद सिंह)
  2. सहृदयता और शालीनता इसी में थी कि मुझसे सहानुभूति प्रकट करते, मेरे आँसू पोंछते। - (प्रेमचंद)


टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

कहावत लोकोक्ति मुहावरे वर्णमाला क्रमानुसार खोजें

                              अं                                                                                              क्ष    त्र    श्र

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=आँसू_पोंछना&oldid=624073" से लिया गया