गुस्सा उतारना  

गुस्सा उतारना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- क्रुद्ध व्यक्ति का किसी पर ख़ूब बिगड़ना।

प्रयोग- वह बिचारी तो उनके सामने पत्थर की तरह चुपचाप खड़ी रहती है और वे अपना सारा गुस्सा ख़ामख्वाह उस पर उतारते रहते हैं। -सुरेश सिनहा।


टीका टिप्पणी और संदर्भ

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