बोलती बंद होना  

बोलती बंद होना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- निरुत्तर हो जाना, मुँह से शब्द न निकलना।

प्रयोग- अपनी मूँछ के लिए वह साहब से किस तरह भिड़ गए, साहब की बोलती किस तरह बंद हो गई, लोग रस लेकर बातें कर रहे थे।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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