भड़क उठना  

भड़क उठना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- उग्र या तीव्र रूप धारण कर लेना।

प्रयोग- इलाके में आग सुलग रही थी, हवा पाते ही भड़क उठी। (प्रेमचंद)

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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