खीरा-ककड़ी समझना  

खीरा-ककड़ी समझना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- दुर्बल और तुच्छ समझना।

प्रयोग- यहाँ के बराती बात बढ़ जाए तो लाठी उठा लें, बहन बेटी एक कर डालें, दुश्मन को खीरा-ककड़ी ही समझते हैं।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

कहावत लोकोक्ति मुहावरे वर्णमाला क्रमानुसार खोजें

                              अं                                                                                              क्ष    त्र    श्र

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=खीरा-ककड़ी_समझना&oldid=625766" से लिया गया